अथ योगानुशासनम् – पतंजलि योगसूत्र का प्रथम सूत्र और उसका गहरा अर्थ ---
अथ योगानुशासनम्॥ (योगसूत्र 1.1) यह पतंजलि योगसूत्र का पहला सूत्र है। शब्दार्थ: अथ = अब,…
अथ योगानुशासनम्॥ (योगसूत्र 1.1) यह पतंजलि योगसूत्र का पहला सूत्र है। शब्दार्थ: अथ = अब,…
योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः॥ (योगसूत्र 1.2) यह Patanjali का सबसे प्रसिद्ध सूत्र है। शब्दार्थ…
🧘♂️ एक पाद शीर्षासन (Eka Pada Sirsasana) – लचीलापन और आत्मनियंत्रण की पराकाष्ठा योग केवल शरीर …
भाग 1 – स्तन कैंसर का परिचय प्रस्तावना स्तन कैंसर (Breast Cancer) 21वीं सदी की सबसे बड़ी स्वास्…
भाग 2 – स्तन की संरचना और कार्य प्रस्तावना स्तन (Breast) केवल स्तनपान (Lactation) के लिए ही नही…
🌿 भाग 1 — सर्वांगासन का परिचय, अर्थ, इतिहास और अभ्यास विधि 🕉️ भूमिका योग केवल शरीर की लचक या …
🌿 भाग 2 — सर्वांगासन के शारीरिक, मानसिक, वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक लाभ सर्वांगासन (Sarvangasana) …
🌿 भाग 3 — सर्वांगासन का आध्यात्मिक, जीवनदायी और प्रेरक पक्ष सर्वांगासन केवल शरीर की मुद्रा नहीं…
🌸 सर्वांगासन (Sarvangasana) – सम्पूर्ण शरीर को जाग्रत करने वाला आसन 🔶 परिचय योग की परंपरा में…
🧘♂️ मालासन (Malasana) – गहराई से समझें 🔹 परिचय मालासन, संस्कृत शब्द “माला” से बना है, जिसका…
पार्श्व सुखासन (Parsva Sukhasana) पार्श्व सुखासन, योग की एक सरल लेकिन प्रभावशाली मुद्रा है, जिसे “…
मुद्रा योग योग का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसमें विभिन्न हाथों की मुद्राओं (Gestures) का उपयोग किया …
Prathvi Mudra ( पृथ्वी मुद्रा ) पृथ्वी मुद्रा एक ध्यान योग है. यह मुद्रा करने से शरीर में पृथ्वी त…