कुर्सी आसन करने के फायदे और सावधानियां क्या हैं? ( What are the benefits and precautions of doing chair asana? )

 Chair Pose को संस्कृत में Utkatasana कहते हैं। यह एक मजबूत और ऊर्जावान मुद्रा है जो पैरों, जांघों, पीठ और कोर मसल्स को टोन करने में मदद करती है। इसे करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन नियमित अभ्यास से यह शरीर को स्थिरता और संतुलन सिखाता है।



Chair Pose (Utkatasana) करने का तरीका:

  1. शुरुआत:

    • सीधे खड़े हो जाएं, पैर एक-दूसरे के समानांतर और थोड़ी दूरी पर रखें।
    • अपने हाथों को अपने शरीर के दोनों ओर रखें और रीढ़ को सीधा रखें।
  2. हाथों को उठाना:

    • एक गहरी सांस लें और अपने हाथों को सिर के ऊपर सीधा उठाएं, हथेलियां आमने-सामने या एक-दूसरे की ओर हों।
    • कंधों को रिलैक्स रखें और गर्दन को तनावमुक्त बनाए रखें।
  3. बैठने की मुद्रा:

    • सांस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़ें जैसे आप एक कुर्सी पर बैठने जा रहे हों।
    • जांघों को फर्श के समानांतर लाने की कोशिश करें, लेकिन अगर शुरुआती हैं तो जितना आरामदायक लगे, उतना नीचे जाएं।
    • घुटने आपकी उंगलियों की रेखा से आगे नहीं जाने चाहिए, और वजन एड़ी पर केंद्रित रखें।
  4. पोज़ में बने रहें:

    • इस स्थिति में 20-30 सेकंड (या जितनी देर आप आराम से रह सकें) तक रहें।
    • गहरी सांस लें और अपने कोर को सक्रिय रखें।
  5. वापस खड़े होना:

    • सांस लेते हुए धीरे-धीरे घुटनों को सीधा करें और खड़े हो जाएं।
    • हाथों को नीचे लाकर विश्राम की स्थिति में आ जाएं।

फायदे:

  • जांघों, कूल्हों और टखनों को मजबूत बनाता है।
  • रीढ़ की हड्डी को लंबा और मजबूत करता है।
  • संतुलन और स्थिरता में सुधार करता है।
  • हार्ट और डायजेशन के लिए भी अच्छा है क्योंकि यह अंदरूनी अंगों को एक्टिवेट करता है।

सावधानियां:

  • अगर आपको घुटने, पीठ या कूल्हे में कोई चोट है, तो इस आसन को करने से पहले डॉक्टर या योग प्रशिक्षक से सलाह लें।
  • लो ब्लड प्रेशर या सिर चकराने की समस्या हो तो धीरे-धीरे पोज़ से बाहर आएं।

क्या आप इसे योग रूटीन में शामिल करने के लिए और सुझाव चाहते हैं या किसी अन्य आसन के बारे में जानना चाहेंगे? 😊

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