योग किसे कहते हैं और कितने प्रकार के होते हैं ? ( What is yoga called and how many types are there ? )
योग किसे कहते हैं?
योग एक प्राचीन भारतीय आध्यात्मिक और वैज्ञानिक पद्धति है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने में सहायता करती है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि ध्यान (Meditation), प्राणायाम (Breathing Techniques), आसन (Postures) और नैतिक अनुशासन का एक समग्र रूप है।
संस्कृत में "योग" शब्द "युज" (Yuj) धातु से बना है, जिसका अर्थ है "जुड़ना" या "एकता"। योग का उद्देश्य आत्मा और परमात्मा के मिलन को प्राप्त करना है, जिससे व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से उन्नत हो सके।
योग के प्रमुख प्रकार
योग के कई प्रकार होते हैं, जिन्हें मुख्य रूप से चार पारंपरिक और कुछ आधुनिक रूपों में बांटा जा सकता है।
1. पारंपरिक योग के प्रकार
(1) राजयोग (Raj Yoga) – ध्यान (Meditation) और आत्म-अनुशासन पर आधारित योग। यह "अष्टांग योग" का अनुसरण करता है, जिसे महर्षि पतंजलि ने योगसूत्र में वर्णित किया है।
(2) हठयोग (Hatha Yoga) – यह शारीरिक आसनों (Postures) और प्राणायाम (Breathing Techniques) पर केंद्रित योग है, जो शरीर और मन को संतुलित करता है।
(3) ज्ञानयोग (Jnana Yoga) – आत्मज्ञान और विवेक के माध्यम से मोक्ष प्राप्त करने का मार्ग। इसमें वेदांत ग्रंथों का अध्ययन, मनन और आत्मचिंतन किया जाता है।
(4) भक्तियोग (Bhakti Yoga) – प्रेम, भक्ति और पूर्ण समर्पण द्वारा ईश्वर की प्राप्ति का मार्ग। इसमें कीर्तन, मंत्र जाप और भजन शामिल होते हैं।
(5) कर्मयोग (Karma Yoga) – निस्वार्थ कर्म (Selfless Action) द्वारा मोक्ष प्राप्त करने का मार्ग। इसमें फल की चिंता किए बिना अपने कर्तव्यों का पालन करना सिखाया जाता है।
(6) कुण्डलिनी योग (Kundalini Yoga) – आंतरिक ऊर्जा (Kundalini Shakti) को जागृत करने का योग। इसमें विशेष ध्यान, प्राणायाम और मुद्राओं का उपयोग किया जाता है।
(7) मंत्रयोग (Mantra Yoga) – मंत्रों के जाप द्वारा मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करने का योग।
(8) लययोग (Laya Yoga) – ध्वनि (Sound) और संगीत के माध्यम से ध्यान और समाधि की अवस्था में जाने का योग।
2. आधुनिक योग के प्रकार
(9) अष्टांग योग (Ashtanga Yoga) – यह महर्षि पतंजलि के अष्टांग योग पर आधारित है, जिसमें यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि शामिल हैं।
(10) विन्यास योग (Vinyasa Yoga) – यह एक गतिशील योग है, जिसमें श्वास के साथ तेज गति से आसनों का प्रवाह (Flow) किया जाता है।
(11) पावर योग (Power Yoga) – यह पश्चिमी शैली का योग है, जिसमें अधिक ऊर्जा और सहनशक्ति की आवश्यकता होती है।
(12) बिक्रम योग (Bikram Yoga) – इसे "हॉट योग" भी कहा जाता है, जिसे गर्म कमरे में 26 आसनों और दो प्राणायाम के साथ किया जाता है।
(13) योग थेरेपी (Yoga Therapy) – यह चिकित्सीय योग है, जो बीमारियों और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए किया जाता है।
निष्कर्ष
योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने की विधि नहीं है, बल्कि यह मानसिक और आत्मिक उन्नति का मार्ग भी है। विभिन्न प्रकार के योग व्यक्ति की आवश्यकताओं और रुचियों के अनुसार अभ्यास किए जा सकते हैं। नियमित रूप से योग करने से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सुधरता है, बल्कि मन की शांति, एकाग्रता और आध्यात्मिक जागरूकता भी बढ़ती है।
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