कौन से योग आसन सर्वांगासन के साथ करने चाहिए?
( Which yoga asanas should be done with Sarvangasana? )
सर्वांगासन के साथ अन्य योग आसन करने से शरीर को समग्र लाभ मिल सकता है और यह आसन-अभ्यास को संतुलित और प्रभावी बनाता है। यहाँ कुछ आसनों की सूची दी गई है जो सर्वांगासन के साथ किए जा सकते हैं:
1. हलासन (Plow Pose)
क्यों: यह आसन सर्वांगासन के बाद किया जा सकता है, क्योंकि यह रीढ़ की हड्डी को लचीलापन देता है और थायराइड ग्रंथि को और सक्रिय करता है।
कैसे करें: पैरों को सिर के पीछे ले जाकर ज़मीन पर रखें।
2. मत्स्यासन (Fish Pose)
क्यों: सर्वांगासन के बाद यह आसन गर्दन और छाती को रिलैक्स करने में मदद करता है।
कैसे करें: पीठ के बल लेट कर छाती को ऊपर उठाएं और सिर को पीछे झुका दें।
3. भुजंगासन (Cobra Pose)
क्यों: यह आसन पीठ को मजबूत करता है और शरीर को आगे की ओर झुकने के बाद राहत देता है।
कैसे करें: पेट के बल लेटकर हाथों की मदद से शरीर के ऊपरी हिस्से को उठाएं।
4. वज्रासन (Thunderbolt Pose)
क्यों: सर्वांगासन के बाद यह आसन आराम और ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। यह पाचन तंत्र के लिए भी अच्छा है।
कैसे करें: घुटनों के बल बैठ जाएं और पीठ को सीधा रखें।
5. शवासन (Corpse Pose)
क्यों: किसी भी योग अभ्यास के अंत में यह मुद्रा शरीर और मन को पूर्ण विश्राम देती है।
कैसे करें: पीठ के बल लेटकर पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें।
इन आसनों के माध्यम से सर्वांगासन के लाभ को और बढ़ाया जा सकता है। क्या आप इनमें से किसी आसन के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं? 😊
1. हलासन (Plow Pose) के लाभ:
रीढ़ की हड्डी को लचीलापन और मजबूती प्रदान करता है।
थायराइड और पाचन ग्रंथि को उत्तेजित करता है।
पेट की मांसपेशियों को टोन करता है और वजन घटाने में मदद करता है।
तनाव और चिंता को कम करता है।
2. मत्स्यासन (Fish Pose) के लाभ:
छाती, गले और पेट को खोलता है, जिससे थायराइड ग्रंथि सक्रिय होती है।
गहरी सांस लेने की क्षमता बढ़ाता है और फेफड़ों को मजबूत करता है।
पीठ और गर्दन की मांसपेशियों को रिलैक्स करता है।
रक्त संचार को बढ़ावा देता है।
3. भुजंगासन (Cobra Pose) के लाभ:
पीठ के निचले हिस्से को मजबूत और लचीला बनाता है।
फेफड़ों, पेट और छाती को खोलता है।
पाचन को बेहतर करता है और थकान को दूर करता है।
स्लिप डिस्क और अन्य रीढ़ संबंधी समस्याओं में मदद करता है।
4. वज्रासन (Thunderbolt Pose) के लाभ:
पाचन तंत्र में सुधार करता है और गैस की समस्या को दूर करता है।
ध्यान और प्राणायाम के लिए आदर्श मुद्रा है।
मन को शांत और स्थिर बनाता है।
लंबे समय तक बैठने के लिए आरामदायक स्थिति प्रदान करता है।
5. शवासन (Corpse Pose) के लाभ:
तनाव और मानसिक थकान को कम करता है।
पूरे शरीर को गहन विश्राम प्रदान करता है।
ध्यान और मानसिक शांति के लिए आदर्श।
शरीर की ऊर्जा को पुनः संचित करता है।
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