फेफड़ों में संक्रमण कैसे होता है और हम इसे योग के माध्यम से कैसे ठीक कर सकते हैं? ( How does lung infection occur and how can we cure it through yoga ? )

फेफड़ों में संक्रमण कैसे होता है और हम इसे योग के माध्यम से कैसे ठीक कर सकते हैं? ( How does lung infection occur and how can we cure it through yoga ? )



1. फेफड़ों में संक्रमण कैसे होता है?

फेफड़ों का काम है शरीर में ऑक्सीजन पहुँचाना और कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालना। जब किसी कारण से इनमें बैक्टीरिया, वायरस या फंगस का संक्रमण हो जाता है, तो उसे लंग इंफेक्शन कहते हैं।

मुख्य कारण:

  • वायरल संक्रमण – जैसे फ्लू (Influenza), कोरोना वायरस आदि।

  • बैक्टीरियल संक्रमण – जैसे Pneumonia, Tuberculosis।

  • फंगल संक्रमण – खासकर कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में।

  • धूम्रपान और प्रदूषण – फेफड़ों को कमजोर कर संक्रमण की संभावना बढ़ाते हैं।

  • कमजोर इम्यून सिस्टम – डायबिटीज, एचआईवी या बुजुर्गों में।


2. फेफड़ों के संक्रमण के लक्षण

  • लगातार खाँसी (कभी-कभी बलगम या खून के साथ)

  • बुखार और ठंड लगना

  • सांस लेने में तकलीफ या घरघराहट

  • सीने में दर्द

  • थकान और कमजोरी

  • भूख कम लगना


3. बचाव और सावधानियाँ

  • धूम्रपान और तंबाकू से दूर रहें।

  • प्रदूषण से बचने के लिए मास्क पहनें।

  • पौष्टिक आहार लें – हरी सब्जियाँ, मौसमी फल, अदरक, लहसुन।

  • पर्याप्त पानी पिएँ।

  • नियमित व्यायाम और योग करें।

  • संक्रमण फैलने से बचने के लिए भीड़-भाड़ में सावधानी रखें।


4. योग से फेफड़े मजबूत कैसे होते हैं?

योग श्वसन प्रणाली को मजबूत करता है, फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।

लाभ:

  • श्वास नलिकाएँ खुलती हैं

  • ऑक्सीजन का आदान-प्रदान बेहतर होता है

  • फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है

  • तनाव कम होता है जिससे सांस लेना सहज होता है


5. फेफड़ों के लिए लाभकारी योगासन और प्राणायाम

(क) प्राणायाम

  1. अनुलोम-विलोम – सांस की नलिकाएँ साफ होती हैं, ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है।

  2. कपालभाति – फेफड़ों से बलगम और टॉक्सिन बाहर निकालता है।

  3. भस्त्रिका – फेफड़ों की शक्ति और क्षमता बढ़ाता है।

  4. भ्रामरी – तनाव और श्वसन रोगों को कम करता है।

(ख) योगासन

  1. भुजंगासन (Cobra Pose) – छाती खोलता है और श्वसन में सुधार करता है।

  2. धनुरासन (Bow Pose) – छाती का विस्तार करता है और फेफड़ों को मजबूती देता है।

  3. मत्स्यासन (Fish Pose) – श्वसन तंत्र को लाभ देता है।

  4. गोमुखासन (Cow Face Pose) – छाती और फेफड़ों की मांसपेशियों को खोलता है।

  5. ताड़ासन (Mountain Pose) – गहरी श्वास लेने में मदद करता है।


निष्कर्ष

फेफड़ों का संक्रमण अस्वच्छ वातावरण, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता, धूम्रपान और बैक्टीरिया/वायरस से होता है। इससे बचने के लिए स्वच्छता, पौष्टिक आहार, प्रदूषण से सुरक्षा और योग अत्यंत आवश्यक हैं। नियमित प्राणायाम और फेफड़ों से जुड़े आसनों का अभ्यास करने से न केवल संक्रमण से बचाव होता है बल्कि फेफड़ों की क्षमता भी बढ़ती है।



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