विपरीत करणी का अभ्यास कैसे करें और इसके क्या फायदे और नुकसान हैं ? ( How to practice Viparita Karani and what are its advantages and disadvantages? )

 

विपरीत करनी (Viparita Karani) करने की विधि, लाभ और सावधानियां

कैसे करें विपरीत करनी?

  1. शुरुआत की स्थिति:

    • योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।
    • पैरों को एक दीवार के करीब लाएं ताकि आप उन्हें दीवार पर आसानी से रख सकें।
  2. पैरों को ऊपर उठाना:

    • धीरे-धीरे पैरों को ऊपर उठाएं और दीवार से टिकाएं।
    • कूल्हों को दीवार के करीब लाने की कोशिश करें।
  3. हाथों की स्थिति:

    • दोनों हाथों को शरीर के बगल में आरामदायक स्थिति में रखें।
    • चाहें तो हाथों को पेट पर या सिर के ऊपर भी रख सकते हैं।
  4. सांस और विश्राम:

    • आँखें बंद करें और गहरी सांस लें।
    • इस मुद्रा में 5-15 मिनट तक रहें, धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
  5. मुद्रा से बाहर आना:

    • धीरे-धीरे पैरों को मोड़ें और शरीर को एक तरफ घुमाकर बैठने की स्थिति में आ जाएं।
    • कुछ सेकंड आराम करें और फिर सामान्य अवस्था में लौटें।

विपरीत करनी के लाभ

तनाव और चिंता को कम करता है – यह मुद्रा मानसिक शांति और विश्राम प्रदान करती है।
रक्त संचार में सुधार करता है – पैरों को ऊपर उठाने से रक्त प्रवाह हृदय की ओर लौटता है, जिससे रक्त संचार बेहतर होता है।
पैरों की थकान और सूजन कम करता है – दिनभर खड़े रहने या चलने के बाद यह मुद्रा पैरों को आराम देती है।
पाचन तंत्र को सक्रिय करता है – यह मुद्रा गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देती है।
रीढ़ की हड्डी और पीठ के लिए फायदेमंद – यह मुद्रा पीठ दर्द और कमर के तनाव को कम करती है।
नींद में सुधार करता है – सोने से पहले इसका अभ्यास अनिद्रा (Insomnia) में मदद कर सकता है।
थायरॉयड और हार्मोन संतुलन में सहायक – यह मुद्रा हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकती है।


सावधानियां और नुकसान

उच्च रक्तचाप और हृदय रोग वाले लोग सावधानी बरतें – यह मुद्रा रक्त प्रवाह को प्रभावित करती है, जिससे हाई बीपी वालों को परेशानी हो सकती है।
गर्भावस्था के दौरान न करें – गर्भवती महिलाओं को इसे करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
ग्लूकोमा या आंखों की समस्या हो तो न करें – सिर की ओर रक्त प्रवाह बढ़ने से आंखों पर दबाव बढ़ सकता है।
पीरियड्स के दौरान सावधानी बरतें – मासिक धर्म के दौरान यह मुद्रा करने से पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह लें।
गर्दन और पीठ की चोट होने पर न करें – यदि आपको सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस या पीठ में कोई गंभीर समस्या है, तो इस मुद्रा से बचें।


संभावित प्रश्न:

क्या यह मुद्रा रोज़ कर सकते हैं?
✔ हां, इसे रोज़ाना 5-15 मिनट तक कर सकते हैं।

क्या यह वजन घटाने में मदद करता है?
✔ प्रत्यक्ष रूप से नहीं, लेकिन यह मेटाबोलिज्म और पाचन सुधारकर वजन नियंत्रण में मदद कर सकता है।

क्या इसे रात में किया जा सकता है?
✔ हां, यह मुद्रा सोने से पहले करने पर अच्छी नींद में मदद करती है।

अगर आपको इसे करने में कोई कठिनाई हो रही है या किसी विशेष समस्या के लिए सुझाव चाहिए, तो मुझे बताएं! 😊

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