विपरीत नौकासन (Viparita Naukasan) करने की विधि
विपरीत नौकासन को रिवर्स बोट पोज़ (Reverse Boat Pose) भी कहा जाता है। यह आसन पीठ, पेट और पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करता है। इसे करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
1. प्रारंभिक स्थिति:
- योगा मैट पर पेट के बल सीधा लेट जाएं (प्रणामासन में)।
- दोनों पैरों को पास-पास रखें और हाथों को शरीर के आगे या पीछे सीधा रखें।
- माथा जमीन पर टिका लें और शरीर को रिलैक्स करें।
2. शरीर को उठाना:
- गहरी सांस लेते हुए एक साथ दोनों पैरों, छाती और हाथों को ऊपर उठाएं।
- शरीर का संतुलन पेट पर बनाए रखें।
- जांघों और छाती को जितना संभव हो उतना ऊपर उठाने का प्रयास करें।
- हाथों को सीधा रखें और पैरों को भी सीधा तानकर रखें।
3. स्थिरता और श्वास:
- इस स्थिति में 20-30 सेकंड तक रुकें और गहरी सांस लें।
- अपनी नजरें सामने रखें और शरीर को स्थिर बनाए रखें।
4. वापस आने की प्रक्रिया:
- धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए पैरों, छाती और हाथों को नीचे लाएं।
- कुछ सेकंड विश्राम करें और इसे 2-3 बार दोहराएं।
सावधानियां:
- यदि पीठ में दर्द हो तो इसे धीरे-धीरे करें।
- उच्च रक्तचाप, हर्निया या हाल ही में पेट की सर्जरी हुई हो तो इसे न करें।
- शुरुआती लोग इसे धीरे-धीरे करें और नियमित अभ्यास से लचीलापन बढ़ाएं।
विपरीत नौकासन के लाभ:
✅ पीठ और रीढ़ को मजबूत बनाता है।
✅ पेट और कमर की चर्बी को कम करने में सहायक।
✅ पाचन तंत्र को सक्रिय करता है।
✅ शरीर की सहनशक्ति और संतुलन बढ़ाता है।
क्या आप इसे करने में सहज महसूस कर रहे हैं, या किसी विशेष हिस्से में कठिनाई हो रही है?
Post a Comment