सुपाइन बद्ध कोणासन (Supta Baddha Konasana) करने की विधि, लाभ और सावधानियां
आसन करने की विधि:
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शुरुआत की स्थिति:
- योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।
- दोनों पैरों को मोड़ें और तलवों को एक-दूसरे से जोड़ लें।
- घुटनों को धीरे-धीरे साइड में फैलने दें, जिससे जांघों में खिंचाव महसूस हो।
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हाथों की स्थिति:
- हाथों को शरीर के बगल में या छाती और पेट पर रखें।
- यदि अधिक आरामदायक लगे, तो हाथों को सिर के ऊपर फैलाकर रखें।
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सांस लेने की प्रक्रिया:
- धीरे-धीरे गहरी सांस लें और छोड़ें।
- पेट और छाती की गति पर ध्यान दें, जिससे विश्रांति की अनुभूति हो।
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आसन से बाहर आना:
- धीरे-धीरे हाथों को नीचे लाएं।
- दोनों घुटनों को एक-दूसरे की ओर लाएं और पैरों को सीधा करें।
- कुछ सेकंड रिलैक्स करें और फिर सामान्य स्थिति में लौटें।
आसन के लाभ:
✅ जांघों और कूल्हों में लचीलापन बढ़ाता है – यह मुद्रा जांघों, कमर और कूल्हों को खोलने में मदद करती है।
✅ रीढ़ की हड्डी और पीठ के लिए लाभदायक – पीठ के तनाव को कम करता है और रीढ़ को आराम देता है।
✅ मानसिक शांति और तनाव मुक्ति – यह मुद्रा गहरी श्वसन को प्रोत्साहित करती है, जिससे तनाव और चिंता कम होती है।
✅ पाचन तंत्र में सुधार – यह मुद्रा पाचन तंत्र को सक्रिय कर कब्ज और गैस की समस्या को दूर करने में मदद करती है।
✅ महिलाओं के लिए फायदेमंद – मासिक धर्म की समस्याओं और रजोनिवृत्ति के लक्षणों को कम करने में सहायक है।
✅ ध्यान और माइंडफुलनेस को बढ़ावा देता है – यह मुद्रा शरीर और मन को शांत करने में मदद करती है।
सावधानियां:
⚠ घुटने या कूल्हे में दर्द हो तो सावधानी बरतें – यदि आपको घुटनों या कूल्हों में कोई चोट है, तो इस मुद्रा को करते समय कुशन या ब्लॉक का सहारा लें।
⚠ गर्भवती महिलाओं को सतर्क रहना चाहिए – गर्भावस्था के दौरान इस मुद्रा को करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
⚠ पीठ दर्द वाले लोग धीरे-धीरे करें – यदि पीठ में दर्द हो, तो इस मुद्रा को करते समय सपोर्ट का उपयोग करें।
⚠ लो ब्लड प्रेशर की समस्या हो तो सावधानी बरतें – यह मुद्रा शरीर को अत्यधिक रिलैक्स कर सकती है, जिससे लो ब्लड प्रेशर वालों को चक्कर आ सकता है।
अगर आप इसे करने में असहज महसूस करें, तो तुरंत मुद्रा छोड़ दें और आराम करें।
क्या आप इसे करने की कोई विशेष विधि या वैरिएशन सीखना चाहते हैं? 😊
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