भुजंगासन कैसे करें। विधि,लाभ, सावधानियां ? ( How to do Bhujangasana. Method, benefits, precautions? )

भुजंगासन अर्थ क्या है।

भुजंगासन संस्कृत शब्द "भुजंग" और "आसन" से मिलकर बना है।

"भुजंग" का अर्थ होता है सर्प (सांप)
"आसन" का अर्थ होता है बैठने या स्थिति।
इसलिए, भुजंगासन का अर्थ है "सर्प मुद्रा" या "कोबरा पोज"। इस आसन में शरीर की स्थिति फन फैलाए हुए सांप जैसी होती है, इसलिए इसे भुजंगासन कहा जाता है।


भुजंगासन (Cobra Pose) करने की विधि, लाभ और सावधानियां

भुजंगासन करने की विधि

  • समतल स्थान पर योग मैट बिछाएं और पेट के बल लेट जाएं।
  • पैरों को सीधा रखें और दोनों पंजे मिलाकर रखें।
  • हथेलियों को कंधों के नीचे रखें और कोहनियों को शरीर से सटाकर रखें।
  • श्वास भरते हुए धीरे-धीरे सिर, गर्दन और छाती को ऊपर उठाएं।
  • कोहनियों को थोड़ा मोड़ें और कमर को अधिक न खींचें।
  • सिर को ऊपर उठाएं और छाती खोलते हुए पीछे देखें।
  • कुछ सेकंड (15-30 सेकंड) इस स्थिति में रुकें, फिर श्वास छोड़ते हुए धीरे-धीरे प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं।
  • 3-5 बार दोहराएं और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
भुजंगासन के लाभ

✔ रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पीठ दर्द में राहत देता है।
✔ पेट की चर्बी कम करने में मदद करता है और पाचन तंत्र को मजबूत करता है।
✔ फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाता है, जिससे सांस संबंधी समस्याओं में लाभ मिलता है।
✔ तनाव और चिंता को कम करता है, जिससे मन शांत रहता है।
✔ महिलाओं में मासिक धर्म की समस्याओं को कम करने में सहायक होता है।

सावधानियां

❌ यदि पीठ या कमर में गंभीर दर्द हो तो यह आसन न करें।
❌ गर्भवती महिलाएं इस आसन से बचें।
❌ अत्यधिक उच्च रक्तचाप या हर्निया के रोगी इसे न करें।
❌ आसन करते समय झटके से न उठें, बल्कि धीरे-धीरे और नियंत्रित रूप से करें।

अगर आप इसे पहली बार कर रहे हैं, तो किसी प्रशिक्षक की देखरेख में करें।

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