पीसीओडी क्या है? ( What is PCOD? )

 पीसीओडी (PCOD) या पॉलिसिस्टिक ओवरी डिजीज (Polycystic Ovarian Disease) एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जो महिलाओं के हार्मोनल असंतुलन के कारण होती है। इसमें अंडाशय (ovaries) में छोटे-छोटे सिस्ट (गांठें) बन जाती हैं, जिससे अंडाणुओं के सही तरीके से विकसित न होने और मासिक धर्म (पीरियड्स) में अनियमितता आने की समस्या हो सकती है।

पीसीओडी के कारण:

  1. हार्मोनल असंतुलन: एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) का स्तर बढ़ना
  2. अनुवांशिकता (Genetics): परिवार में यदि किसी को यह समस्या हो
  3. जीवनशैली (Lifestyle): अस्वस्थ खानपान, मोटापा और तनाव
  4. इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance): शरीर में इंसुलिन का सही उपयोग न हो पाना

पीसीओडी के लक्षण:

  1. मासिक धर्म की अनियमितता (पीरियड्स में देरी या अनियमितता)
  2. वजन बढ़ना और वजन कम करने में कठिनाई
  3. चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल (Hirsutism)
  4. त्वचा संबंधी समस्याएं, जैसे मुंहासे और तैलीय त्वचा
  5. बालों का झड़ना या गंजापन (Hair Thinning)
  6. गर्भधारण में कठिनाई (Infertility)
  7. थकान और मानसिक तनाव

पीसीओडी का उपचार:

पीसीओडी का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन इसे स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर नियंत्रित किया जा सकता है।

  1. आहार में सुधार:

    • उच्च फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ (सब्जियां, फल, साबुत अनाज)
    • प्रोसेस्ड और शर्करा युक्त खाद्य पदार्थों से बचाव
    • प्रोटीन और हेल्दी फैट को आहार में शामिल करना
  2. व्यायाम और योग:

    • नियमित व्यायाम (कार्डियो, वेट ट्रेनिंग, योग)
    • वजन को संतुलित रखना
  3. दवाइयां:

    • डॉक्टर द्वारा सुझाई गई हार्मोनल थेरेपी या मेटफॉर्मिन जैसी दवाइयां
    • त्वचा और बालों की समस्याओं के लिए दवाइयां
  4. तनाव प्रबंधन:

    • ध्यान (Meditation), पर्याप्त नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट

यदि पीसीओडी को सही समय पर नियंत्रित न किया जाए तो यह आगे चलकर डायबिटीज, हृदय रोग, और बांझपन (Infertility) जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। यदि लक्षण गंभीर हो रहे हैं तो स्त्री रोग विशेषज्ञ (gynecologist) से सलाह अवश्य लें।

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