नौकासन क्या है ?
(What is Naukasana or Boat Pose?)
नौकासन शब्द दो संस्कृत शब्दों से मिलकर बना है। जिसमें नौका का मतलब है नाव और आसन का अर्थ है आसन या सीट। इस योगासन के अभ्यास में आपका शरीर नाव की मुद्रा में हो जाता है। यह आसन मध्यम श्रेणी का योगासन है जिसका अभ्यास प्राचीन काल से ही किया जा रहा है। पेट की चर्बी कम करने से लेकर रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने तक इस योगासन के अनेकों स्वास्थ्य लाभ हैं। रोजाना सही ढंग से नौकासन का अभ्यास करने से आपके फेफड़े मजबूत होते हैं और पेट के अंदर मौजूद अंगों को भी फायदा मिलता है। नौकासन के अभ्यास में आपका शरीर अंग्रेजी के अक्षर V की आकृति में आ जाता है। इसके अभ्यास से आपके लोअर बैक, पेट, कोर और बाइसेप्स और ट्राइसेप्स और पैर व टखनों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। नौकासन को अंग्रेजी में बोट पोज (Boat Pose) कहा जाता है। शुरुआत में इसका अभ्यास करने में थोड़ी कठिनाई हो सकती है लेकिन रोजाना प्रैक्टिस करने से आप आसानी से इसका अभ्यास कर सकते हैं।
नौकासन का अभ्यास करने का तरीका ( How To Do Naukasana or Boat Pose? )
- नौकासन का अभ्यास करने के लिए आप समतल जगह पर योगा मैट के सहारे बैठ जाएं।
- अब अपनी टांगो को सामने की तरफ फैलाएं।
- इसके बाद अपने दोनों हाथों को पीछे की तरफ ले जाकर हिप्स से थोड़ा पीछे जमीन पर रखें।
- अब अपने शरीर को थोड़ा ऊपर की तरफ उठाने की कोशिश करें।
- इस दौरान ध्यान रहे आपकी रीढ़ की हड्डी बिलकुल सीधी होनी चाहिए।
- अब धीरे-धीरे सांस को बाहर की तरफ छोड़ते हुए पैरों को जमीन से 45 डिग्री तक उठाएं।
- अब अपने शरीर को नाव की मुद्रा में लेने की कोशिश करते हुए हिप्स और नाभि को पास लेकर आएं।
- अब अपने बट और टेलबोन पर बैठें।
- इसके बाद अपने टखनों को उठाकर आंख के सीधाई में लेकर जाएं।
- सामान्य गति से सान लेते हुए नाव या V के आकर में लगभग 10 से 20 सेकंड तक रहें।
- इसके बाद धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए सामान्य मुद्रा में आएं।
नौकासन करने के फायदे ( Boat Pose or Naukasana Benefits )
- यह आसन पेट की गहरी मांसपेशियों को मज़बूत करता है
- यह तनाव को दूर करता है और दिमाग़ को शांत रखता है
- यह पेट की चर्बी कम करने में मदद करता है
- यह रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाता है
- यह हर्निया और गुर्दे से जुड़ी समस्याओं में मदद करता है
- यह कमर और गर्दन दर्द में फ़ायदेमंद होता है
- यह हाथों और कंधों को मज़बूत बनाता है
- यह पैरों की मांसपेशियों को टोन करता है
- यह किडनी को स्वस्थ रखता है
- इससे पाचन तंत्र मज़बूत होता है
- पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे कब्ज़, एसिडिटी, अपच दूर होती हैं
- रीढ़ की हड्डियां मज़बूत होती हैं और फ़्लेक्सिबल हो जाती हैं
- शरीर में खून का संचार सुचारू रूप से होता है
- शरीर में जमा अतिरिक्त फैट कम होता है
- कम ब्लड प्रेशर (Low BP), माइग्रेन और रीढ़ के हड्डी से जुड़ी गंभीर समस्या है तो आपको नौकासन नहीं करना चाहिए।
- अस्थमा और दिल के मरीज यह आसन न करे।
- अगर आपका हाल ही में कोई पेट का ऑपरेशन हुआ है तो आप नौकासन नहीं कर सकते हैं।
- यह योग गर्भावस्था और मासिक धर्म के पहले दो दिन में नहीं करना चाहिए।
- ऐसे तो यह योग हर्निया में लाभकारी है पर अगर आपको हर्निया की शिकायत है तो अपने डॉक्टर की सलाह से ही आपको नौकासन योग करना चाहिए।
Very good 😊
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