🧘 योग हृदय रोग (Heart Diseases) के लिए कितना उपयोगी है? (How useful is yoga for heart diseases?)
🌸 परिचय
आजकल हृदय रोग (Heart Disease) दुनिया में सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। अनियमित जीवनशैली, तनाव, जंक फूड और व्यायाम की कमी इसकी मुख्य वजहें हैं। ऐसे समय में योग एक प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय है, जो न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी शांत करता है।
🌿 योग और हृदय स्वास्थ्य का संबंध
योगासन और प्राणायाम से शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर घटता है। इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है और हृदय पर दबाव कम होता है।
2. रक्त संचार बेहतर करता है
नियमित योग अभ्यास से रक्त प्रवाह (Blood Circulation) बढ़ता है, जिससे हृदय की कार्यक्षमता मजबूत होती है।
3. ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है
प्राणायाम और ध्यान (Meditation) से हाई बीपी और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर कम होता है, जो हृदय रोग का बड़ा कारण है।
4. दिल की धड़कन को संतुलित करता है
योग की गहरी सांस लेने की क्रियाएँ (जैसे अनुलोम-विलोम, भ्रामरी) हार्टबीट को संतुलित रखती हैं।
🧘 हृदय रोगियों के लिए उपयोगी योगासन
- ताड़ासन (Palm Tree Pose) – रक्त संचार सुधारने में मददगार।
- भुजंगासन (Cobra Pose) – छाती और हृदय की मांसपेशियों को खोलता है।
- वृक्षासन (Tree Pose) – संतुलन और ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है।
- सेतु बंधासन (Bridge Pose) – हृदय को मजबूत बनाता है।
- सुखासन + ध्यान – मानसिक शांति और तनाव कम करने के लिए सर्वोत्तम।

🌬️ प्राणायाम और ध्यान
- अनुलोम-विलोम – ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है।
- भ्रामरी – तनाव और चिंता को दूर करता है।
- ओम ध्यान – हृदय की धड़कन को शांत करता है और मन को स्थिर करता है।
✅ निष्कर्ष
योग हृदय रोगियों के लिए एक वरदान की तरह है। यह दवाइयों का विकल्प नहीं है, लेकिन इनके प्रभाव को और अधिक बढ़ाता है। अगर नियमित रूप से आसन, प्राणायाम और ध्यान किया जाए, तो हृदय स्वस्थ, मजबूत और लंबे समय तक सक्रिय रह सकता है।



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