गर्भाशय में सूजन और गांठ क्यों हो जाती है? ( Why does the uterus become swollen and lumpy? )


 गर्भाशय में सूजन और गांठ (फाइब्रॉइड, सिस्ट या अन्य समस्याएं) होने के कई कारण हो सकते हैं। ये हार्मोनल असंतुलन, संक्रमण, जीवनशैली, और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से संबंधित हो सकते हैं।

गर्भाशय में सूजन और गांठ के संभावित कारण:

1. हार्मोनल असंतुलन

  • एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का असंतुलन गर्भाशय की दीवार में असामान्य वृद्धि का कारण बन सकता है।
  • पीसीओएस (Polycystic Ovary Syndrome) के कारण भी गांठें (सिस्ट) बन सकती हैं।

2. यूटेराइन फाइब्रॉइड (Uterine Fibroids)

  • ये गैर- कैंसरयुक्त ट्यूमर होते हैं जो गर्भाशय की दीवार में बनते हैं।
  • अधिक एस्ट्रोजन स्तर, अनुवांशिक कारण, और मोटापा इसके कारक हो सकते हैं।
  • इसके लक्षणों में भारी मासिक धर्म, पेट में दर्द, और प्रजनन समस्याएं हो सकती हैं।

3. एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis)

  • जब गर्भाशय की अंदरूनी परत (एंडोमेट्रियम) गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगती है, तो सूजन और दर्द होता है।
  • यह मासिक धर्म में अत्यधिक दर्द, अनियमित पीरियड्स, और गर्भधारण में समस्या पैदा कर सकता है।

4. ओवेरियन सिस्ट (Ovarian Cyst)

  • अंडाशय (ovary) में तरल पदार्थ से भरी हुई गांठें होती हैं।
  • ये आमतौर पर खुद ठीक हो जाती हैं, लेकिन अगर बड़ी हो जाएं तो दर्द और अनियमित पीरियड्स का कारण बन सकती हैं।

5. गर्भाशय संक्रमण (Pelvic Inflammatory Disease - PID)

  • यह बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होता है, जो असुरक्षित यौन संबंध, खराब स्वच्छता, या बार-बार गर्भपात/डिलीवरी के कारण हो सकता है।
  • इसके लक्षणों में पेट दर्द, बदबूदार डिस्चार्ज, बुखार और मासिक धर्म में गड़बड़ी हो सकती है।

6. पॉलीप्स (Uterine Polyps)

  • ये छोटे, नॉन-कैंसरस टिशू ग्रोथ होते हैं जो गर्भाशय की लाइनिंग में बन सकते हैं।
  • भारी रक्तस्राव और अनियमित पीरियड्स के कारण हो सकते हैं।

7. जीवनशैली और आहार संबंधी कारण

  • ज्यादा जंक फूड, असंतुलित आहार, मोटापा और तनाव भी हार्मोनल असंतुलन और गर्भाशय की समस्याओं को बढ़ा सकते हैं।

समाधान और रोकथाम:

संतुलित आहारहरी सब्जियां, फल, मेवे, और आयरन, कैल्शियम और फाइबर से भरपूर भोजन लें।
योग और व्यायामभुजंगासन, वज्रासन, बालासन, और प्राणायाम गर्भाशय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
तनाव कम करेंध्यान (मेडिटेशन) और माइंडफुलनेस प्रैक्टिस करें।
गर्म पानी से सिकाई यह दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है।
आयुर्वेदिक उपायअशोक की छाल, शतावरी, और त्रिफला पाउडर फायदेमंद हो सकते हैं।
समय पर मेडिकल चेकअपअगर लगातार पेट दर्द, भारी रक्तस्राव, या प्रजनन समस्याएं हो रही हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें।

अगर आपको इन समस्याओं से जुड़ी कोई गंभीर परेशानी हो रही है, तो जल्द से जल्द स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। 😊

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