सूर्यभेदी प्राणायाम (Surya Bhedi Pranayama) एक शक्तिशाली श्वास तकनीक है, जिसे शरीर में गर्मी और ऊर्जा बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से दाएँ नथुने (सूर्य नाड़ी या पिंगला नाड़ी) से श्वास लिया जाता है और बाएँ नथुने (इड़ा नाड़ी) से श्वास छोड़ा जाता है।
सूर्यभेदी प्राणायाम करने की विधि:
- सुखासन या पद्मासन में बैठें और रीढ़ सीधी रखें।
- दाएँ नथुने (पिंगला नाड़ी) से गहरी श्वास लें, बायाँ नथुना बंद रखें।
- कुंभक (आंतरिक रोके रखना) – कुछ सेकंड के लिए श्वास को अंदर रोकें।
- बाएँ नथुने से श्वास छोड़ें (इड़ा नाड़ी से)।
- यह एक चक्र पूरा हुआ, इसे 5-10 बार दोहराएं।
सावधानियाँ:
- उच्च रक्तचाप (High BP) और हृदय रोग वाले लोग इसे सावधानी से करें।
- गर्मी अधिक होने पर (गर्मी के मौसम में) इसका अभ्यास सीमित करें।
- इसे प्राणायाम की शुरुआत में न करें, पहले नाड़ी शोधन करें।
लाभ:
- शरीर में ऊर्जा और गर्मी उत्पन्न करता है।
- पाचन तंत्र को मजबूत करता है।
- मस्तिष्क को सतर्क और केंद्रित बनाता है।
- शरीर में प्राण शक्ति को संतुलित करता है।
क्या आप इसे करने की योजना बना रहे हैं?
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