Gomukhasana or Cow Face Pose
गोमुखासन या गाय का चेहरा मुद्रा
संस्कृत शब्द, गोमुखासन का शाब्दिक अर्थ गाय का चेहरा मुद्रा (गो-गाय, मुख-चेहरा, आसन-मुद्रा) है। गोमुखासन (गाय का चेहरा मुद्रा) हमारे पूरे शरीर, कंधों और बाहों, टखनों, कूल्हों, जांघों और पीठ को खींचता है। आसन में, मुड़े हुए पैरों को गाय के मुंह जैसा बताया जाता है। कोहनी गाय के कानों का आकार बनाती हैं।
यह एक ऐसा आसन है जो हमें हमारे शरीर की समरूपता के बारे में जागरूक करता है। जब हम एक घुटने को दूसरे के ऊपर रखते हैं, तो बाएं से दाएं और बाएं से दाएं में अंतर देखें। इसी तरह, हाथ की स्थिति तुरंत बता देगी कि एक कंधा दूसरे से ज़्यादा कड़ा है या नहीं।
गोमुखासन को अलग-अलग बैठने की मुद्राओं के साथ किया जा सकता है। यह बाहों, ट्राइसेप्स, कंधों और छाती को फैलाने में मदद करता है। अभ्यास करने वाले को सीधे बैठने की ज़रूरत होती है।
इस मुद्रा को ज़्यादा सुलभ बनाने के लिए सहारा का उपयोग करें। अगर आपके कंधे कड़े हैं और गोमुखासन में अपनी पीठ के पीछे अपनी उंगलियों को आपस में जोड़ना मुश्किल है, तो एक पट्टा का उपयोग करें। आप अपने पैरों को मुद्रा में आने के लिए ज़्यादा जगह देने के लिए ब्लॉक या कंबल पर भी बैठ सकते हैं।
How to do Gomukhasana? Steps
गोमुखासन कैसे करें? चरण
- योग मैट पर अपनी पीठ सीधी करके और अपने पैरों को आगे की ओर फैलाकर बैठें।
- अपने पैरों को एक साथ रखें और अपनी हथेलियों को अपने कूल्हों के पास रखें।
- दाहिने पैर को मोड़ें और इसे बाएं नितंब के नीचे रखें।
- बाएं घुटने को दाएं घुटने के ऊपर रखें।
- बाएं हाथ को सिर के ऊपर उठाएं और कोहनी को मोड़ें।
- इसके साथ ही, दाहिने हाथ को पीठ के पीछे ले जाएं और दोनों हाथों को आपस में जोड़ लें।
- गहरी उज्जयी सांस लें और जब तक आप सहज हों, तब तक रहें।
- अब जब आप सांस छोड़ें, तो हाथों को छोड़ दें।
- पैरों को खोलें और दूसरे पैर के लिए भी यही दोहराएं।
Benefits of Gomukhasana
गोमुखासन के लाभ
- कंधों की जकड़न दूर करता है
- कमर दर्द से छुटकारा दिलाता है
- पैरों को मज़बूत बनाता है
- तनाव दूर करता है
- लचीलापन बढ़ाता है
- गतिशीलता को बढ़ावा देता है
- अकड़न को कम करता है
- यह आसन करने से शरीर सुड़ोल,लचीला और आकर्षक बनता हैं।
- वजन कम करने के लिए यह आसन उपयोगी हैं।
- गोमुखासन मधुमेह रोग में अत्यंत लाभकारी हैं।
- महिलाओं में स्तनों का आकार बढ़ाने के लिए यह विशेष लाभकर हैं।
नीचे दिए हुए रोग में यह लाभकारी हैं
- गठिया
- साइटिका
- अपचन
- कब्ज
- धातु रोग
- मन्दाग्नि
- पीठदर्द
- लैंगिक विकार
- प्रदर रोग
- बवासीर
Precautions in Gomukhasana
गोमुखासन में सावधानी
- कंधे, पीठ, गर्दन, नितम्ब या घुटनों में ज्यादा समस्या होने पर यह योग नहीं करना चाहिए।
- यह आसन करते समय कोई तकलीफ होने पर तुरंत योग विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए।
- शुरुआत में पीठ के पीछे दोनों हाथो को आपस में न पकड़ पाने पर जबरदस्ती न करे।
- गोमुखासन का समय अभ्यास के साथ धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए।
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