मलासन कैसे करते हैं? लाभ विधि सावधानियां क्या-क्या है? ( How to do Malasana? What are the benefits, method and precautions? )



मलासन (Garland Pose) को "स्क्वाट पोज़" भी कहा जाता है और यह पेट, कमर और पैरों के लिए बेहद फायदेमंद आसन है। "मल" का अर्थ है "त्याग" और यह आसन पेट की सफाई, पाचन सुधार और कूल्हों की लचीलेपन को बढ़ाने में मदद करता है। आइए जानते हैं मलासन की विधि, लाभ और सावधानियां।



🧘 मलासन कैसे करें (विधि)

1. सीधे खड़े हों:
पैरों को कंधों की चौड़ाई में खोलकर सीधे खड़े हो जाएं।
2. घुटनों को मोड़ें:
धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ते हुए स्क्वाट पोज़ में नीचे बैठें।
3. कूल्हों को नीचे लाएं:
कूल्हों को जितना हो सके नीचे लाएं और पैरों को फर्श पर मजबूती से टिकाएं।
4. हथेलियों को जोड़ें (नमस्कार मुद्रा):
हाथों को छाती के सामने जोड़ें और कोहनियों से घुटनों को हल्का बाहर की ओर दबाएं।
5. रीढ़ को सीधा रखें:
पीठ और गर्दन को सीधा रखें और नजर सामने रखें।
6. सांस पर ध्यान दें:
सामान्य गति से सांस लेते रहें और 30-60 सेकंड तक इस स्थिति में बने रहें।
7. सामान्य स्थिति में लौटें:
धीरे-धीरे सांस लेते हुए वापस खड़े हो जाएं।

🔁 पुनरावृत्ति: 2-3 बार करें, अपनी क्षमता के अनुसार।


🌿 मलासन के लाभ (Benefits)

1. पाचन तंत्र को मजबूत करता है:
मलासन पेट की मालिश करता है, आंतों को सक्रिय करता है और कब्ज व गैस की समस्या में राहत देता है।
2. कूल्हों और कमर को लचीला बनाता है:
हिप्स, कमर और जांघों को मजबूत और लचीला बनाता है।
3. रक्त संचार में सुधार:
पैरों और पेल्विक क्षेत्र में रक्त प्रवाह को बढ़ाता है।
4. रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है:
रीढ़ की हड्डी को सीधा और मजबूत बनाता है।
5. पेल्विक फ्लोर को टोन करता है:
पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करता है, जो महिलाओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है।
6. तनाव और चिंता को कम करता है:
ध्यान और श्वास पर फोकस करने से माइंडफुलनेस और मानसिक शांति बढ़ती है।
7. मूत्राशय और प्रजनन स्वास्थ्य में लाभकारी:
प्रजनन स्वास्थ्य को सुधारता है और प्रेग्नेंसी के लिए भी सहायक माना जाता है (सिर्फ विशेषज्ञ की सलाह से करें)।

⚠️ सावधानियां (Precautions)

1. घुटनों में दर्द या चोट हो तो न करें:
यदि घुटनों, टखनों या हिप्स में दर्द या चोट है, तो मलासन करने से बचें।
2. रीढ़ की समस्या हो तो सावधानी रखें:
स्लिप डिस्क या कमर दर्द की समस्या में यह आसन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
3. गर्भावस्था में सतर्कता:
गर्भवती महिलाएं विशेषज्ञ से मार्गदर्शन लेकर ही करें।
4. संतुलन बनाए रखें:
अगर संतुलन बनाने में कठिनाई हो, तो दीवार का सहारा लें।
5. ब्लड प्रेशर की समस्या में सावधानी:
हाई या लो ब्लड प्रेशर की स्थिति में इसे करने से पहले चिकित्सक की राय लें।




🧠 माइंडफुलनेस टिप:
मलासन करते समय अपनी सांसों को गहराई से महसूस करें और पेट में हल्की खिंचाव पर ध्यान केंद्रित करें। यह माइंडफुलनेस मेडिटेशन में आपकी एकाग्रता को बढ़ाएगा।

क्या आप इसे आज़माने जा रहे हैं? अनुभव साझा करें या यदि कोई अन्य आसन सीखना चाहते हैं तो बताएं!


0 Comments

Post a Comment

Post a Comment (0)

Previous Post Next Post