If you are suffering from heart disease then practice these 5 yoga asanas. ( अगर आप हृदय रोग से पीड़ित हैं तो इन 5 योग आसनों का अभ्यास करें। )

हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए योग बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि यह रक्त संचार को सुधारता है, तनाव कम करता है और हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। यदि आप हृदय रोग से पीड़ित हैं, तो निम्नलिखित 5 योग आसनों का नियमित अभ्यास कर सकते हैं:

1. ताड़ासन (Mountain Pose)

लाभ: 
  • यह आसन शरीर के संतुलन को सुधारता है, रक्त परिसंचरण को बढ़ावा देता है और हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है।


कैसे करें:
  • सीधे खड़े हों और दोनों पैरों को आपस में मिलाएं।
  • हाथों को शरीर के पास रखें और गहरी सांस लें।
  • दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और धीरे-धीरे एड़ियों के बल खड़े हों।
  • इस स्थिति में कुछ सेकंड रुकें और फिर सामान्य स्थिति में लौटें।


2. वज्रासन (Thunderbolt Pose)

लाभ: 
  • यह आसन पाचन को सुधारता है, उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है और तनाव को कम करता है।

कैसे करें:
  • घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठें।
  • रीढ़ सीधी रखें और हाथ घुटनों पर रखें।
  • आंखें बंद करें और गहरी सांस लें।
  • इस स्थिति में 5-10 मिनट तक रहें।

3. भुजंगासन (Cobra Pose)

लाभ: 
  • यह आसन हृदय को मजबूत करता है, छाती खोलता है और रक्त प्रवाह को सुधारता है।

कैसे करें:
  • पेट के बल लेट जाएं और हाथों को कंधों के नीचे रखें।
  • सांस लेते हुए धीरे-धीरे छाती और सिर को ऊपर उठाएं।
  • इस स्थिति में 10-15 सेकंड रहें और फिर धीरे-धीरे वापस आएं।

4. सेतुबंधासन (Bridge Pose)

लाभ: 
  • यह आसन हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करता है, रक्तचाप को नियंत्रित करता है और तनाव को कम करता है।

कैसे करें:
  • पीठ के बल लेट जाएं और पैरों को घुटनों से मोड़ें।
  • हाथों को शरीर के पास रखें और सांस लेते हुए धीरे-धीरे कूल्हों को ऊपर उठाएं।
  • कुछ सेकंड इस स्थिति में रहें और फिर धीरे-धीरे नीचे आएं।

5. शवासन (Corpse Pose)

लाभ: 
  • यह आसन पूरी तरह से शरीर को आराम देता है, तनाव और उच्च रक्तचाप को कम करता है।

कैसे करें:
  • पीठ के बल लेट जाएं और हाथ-पैरों को ढीला छोड़ दें।
  • आंखें बंद करें और गहरी सांस लें।
  • 5-10 मिनट तक इस स्थिति में रहें।

सावधानियां:

  • योग अभ्यास से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
  • किसी भी आसन को करते समय अत्यधिक जोर न लगाएं।
  • नियमित रूप से प्राणायाम (अनुलोम-विलोम और भ्रामरी) का अभ्यास करें, क्योंकि यह हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

यदि इन योगासनों का नियमित अभ्यास किया जाए तो हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

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