योग सम्यक् जीवन का विज्ञान है, अतः इसका समावेश हमारे दैनिक जीवन में एक नियत चर्या के रूप में होना चाहिए । यह हमारे व्यक्तित्व के शारीरिक , प्राणिक , मानसिक , भावनात्मक आती इंद्रिय और आध्यात्मिक, सभी पहलुओं को प्रभावित करता है।
योग का अर्थ क्या है ?
योग शब्द का अर्थ एक के या एक्टिव होता है और यह संस्कृत धातु या झुक से बना है जिसका अर्थ होता है जोड़ना इस संयुक्त उसे या जोड़ने को आध्यात्मिक शब्दावली में विशिष्ट चेतना का समस्त चेतना से मिलान कहा जाता है व्यावहारिक स्तर पर योग शरीर मन और भावनाओं में संतुलन और सामंजस स्थापित करने का एक साधन है आसन प्राणायाम मुद्रा बंद सत्कर्म और ध्यान के अभ्यास से यह संतुलन पाया जा सकता है तथा उच्च स्तर सत्ता के साथ एकत्रित स्थापित हो उसके पूर्व यह अनिवार्य भी है।
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